
6.9만
1688.5만
2,022
2016.08
जय श्री राम भारतीय सनातन सद्ग्रन्थ श्री रामचरित मानस के सरस गायन से समाज को धर्माचरण के लिये निरंतर प्रेरित करने बाली पूज्य श्री के श्रीमुख से श्रीरामकथा,भगवत कथा, शिवपुराण गंगा की अविरल धारा 2008 से निरंतर प्रवाहित हो रही है। पूज्य श्री पर अपनी सतत ममता रखने वाले संत समाज ने बड़े आदर के साथ आपको मानसदूत , भगवतभ्रमरी की उपाधि अलंकरण से विभूषित किया है। कथा श्रवण क्रम में व्यासपीठ से प्राप्त सूत्रों को अपना कर देश-विदेश के लगभग 10 करोड़ कथाप्रेमी उपकृत हो चुके हैं और अभी भी यह क्रम जारी है। आपन